
( 3 )
Story : Two Leaves A Bud ⬆️
Writer : Jotsna Jari
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Titaas’s father can’t say what to say. Due to father’s hiccups, Titaas shouted,
“Huchkire huchki
Genu nodi Marnu Guchi
Chutre mor huchki.”
Titaas’s father laughed. The hiccups is really subside. Haru Master feels, Titaas is not just a doctor … his son. When Titaas rode his bicycle to school, that moment flashes now in his eyes.
Haru Master was afraid that Titaas would be uprooted… if he went out to study. But he had been in town for so many years ,
he is not changed yet.
Titaas says, Dad, you go home. I will go to see Imam’s uncle’s little boy …. Yes, my mind is ok. Now I love my village most.
Titaas continues to walk along the road next to the Mosque.
Then Haru Master moves towards house.
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[ N. B –
This regional language is from Jharbari village (Dinajpur, West Bengal).
This regional rhyme means —
“Hiccups… oh hiccups
I went to river and caught fish
Now my hiccups, you go away. ” ]
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( 3 )
Рассказ : Два листа – бутон ⬆️
Сценарист: Йотсна Яри
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Отец Титааса не может сказать, что сказать. Из-за икоты отца Титаас крикнул:
“Хучкире хучки
Гену ноди Марну Гучи
Чутре мор хучки».
Отец Титааса рассмеялся. Икота действительно стихает. Хару Мастер считает, что Титаас не просто врач… его сын. Когда Титаас ехал на велосипеде в школу, этот момент теперь вспыхивает в его глазах.
Мастер Хару боялся, что Титааса выгонят с корнем… если он пойдет учиться. Но он был в городе столько лет, он еще не изменился.
Титаас говорит: «Папа, иди домой». Я пойду к маленькому сыну дяди имама…. Да, я в порядке. Теперь я больше всего люблю свою деревню.
Титаас продолжает идти по дороге рядом с мечетью.
Затем Мастер Хару направляется к дому.
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[ Н. Б –
Этот региональный язык из деревни Джхарбари (Динаджпур, Западная Бенгалия).
Эта региональная рифма означает –
“Икота… о, икота
Я пошел к реке и поймал рыбу
А теперь моя икота, ты уходи. ” ]
🏵️
(3)
کہانی : دو پتے ایک کلی
مصنفہ : جوتسنا جری
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تیتاس کے والد نہیں کہہ سکتے کہ کیا کہیں۔ باپ کی ہچکیوں کی وجہ سے تیتا چیخا،
“ہچکیرے ہچکی
جینو نودی مارنو گچی
چھترے مور ہچکی۔”
تیتا کے والد ہنس پڑے۔ ہچکی واقعی کم ہے۔ ہارو ماسٹر کو لگتا ہے، تیتاس صرف ایک ڈاکٹر نہیں ہے… اس کا بیٹا۔ جب تیتاس اپنی سائیکل پر اسکول جاتا تھا، وہ لمحہ اب اس کی آنکھوں میں چمکتا ہے۔
ہارو ماسٹر کو ڈر تھا کہ اگر وہ باہر پڑھنے گیا تو تیتاس کو جڑ سے اکھاڑ پھینکا جائے گا۔ لیکن وہ اتنے سالوں سے شہر میں تھا، وہ ابھی تک نہیں بدلا۔
تیتاس کہتا ہے ابا آپ گھر چلے جائیں۔ میں امامہ کے چچا کے چھوٹے لڑکے سے ملنے جاؤں گی…. ہاں میرا دماغ ٹھیک ہے۔ اب میں اپنے گاؤں سے سب سے زیادہ پیار کرتا ہوں۔
تیتاس مسجد کے ساتھ والی سڑک پر چلنا جاری رکھے ہوئے ہے۔
پھر ہارو ماسٹر گھر کی طرف بڑھا۔
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[این بی –
یہ علاقائی زبان جھارباری گاؤں (دیناج پور، مغربی بنگال) کی ہے۔
اس علاقائی شاعری کا مطلب ہے –
“ہچکی… اوہ ہچکی
میں دریا پر گیا اور مچھلی پکڑی۔
اب میری ہچکی، آپ چلے جائیں۔ ” ]
💦
(3)
कहानी : दो पत्ते एक बड़ ⬆️
लेखक : जोत्सना जरी
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तीतास के पिता नहीं कह सकते कि क्या कहें। पिता की हिचकी से चिल्लाया तीतास,
“हुचकीरे हुचकी
जेनु नोडी मार्नु गुचि
छुटरे मोर हुचकी।”
तीतास के पिता हंस पड़े। हिचकी वास्तव में कम हो गई है। हारु मास्टर को लगता है, तीतास सिर्फ एक डॉक्टर नहीं है… उसका बेटा। जब तीतास साइकिल से स्कूल जा रहा था, तो उसकी आँखों में अब वह पल आ गया।
हारु मास्टर को डर था कि अगर वह पढ़ने के लिए बाहर गया तो तीतास उखड़ जाएगा… लेकिन वह इतने सालों से शहर में था, वह अभी तक नहीं बदला है।
तीतास कहते हैं, पापा, तुम घर जाओ। मैं इमाम के चाचा के छोटे लड़के को देखने जाऊंगा…. हां, मेरा दिमाग ठीक है। अब मुझे अपने गांव से सबसे ज्यादा प्यार है।
तितास मस्जिद के बगल में सड़क पर चलना जारी रखता है।
फिर हारु मास्टर घर की ओर बढ़ते हैं।
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[एन बी –
यह क्षेत्रीय भाषा झारबारी गांव (दिनाजपुर, पश्चिम बंगाल) की है।
इस क्षेत्रीय कविता का अर्थ है –
“हिचकी… ओह हिचकी”
मैं नदी पर गया और मछली पकड़ी
अब मेरी हिचकी, तुम चले जाओ। ” ]
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( 3 )
গল্প : দুটি পাতা একটা কুঁড়ি ⬆️
লেখিকা : জ্যোৎস্না জরি
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তিতাসের বাবা কি বলতে যাবে বলতে পারছে না । প্রচন্ড হেঁচকি । তিতাস চেঁচিয়ে ওঠে,
“হুচকিরে হুচকি
গেণু নদী মারনু গুছি
ছুটরে মোর হুচকি ।”
তিতাসের বাবা হেসে ওঠে । হেঁচকি সত্যি সত্যি কমে যায় । হারু মাস্টার দেখে, তিতাস শুধু ডাক্তার নয়… তার ছেলে । যখন তার সাইকেলে চেপে তিতাস স্কুল যেত, ঠিক সেই সময়টা চোখে ভাসে । হারু মাস্টারের ভয় ছিল , বাইরে পড়তে গিয়ে যদি তিতাসের শিকড় ছিঁড়ে যায় ! এত বছর ও শহরে কাটিয়েছে… না, তিতাসের সেরকম কিছু হয় নি ।
তিতাস বলে, বাবা তুমি বাড়ি যাও । আমি ইমাম চাচার ছোট ছেলেকে দেখেই যাব ।… হ্যাঁ, গ্রামে আমার মন বসেছে । গ্রাম কিন্তু আমার ভালো লাগছে ।
তিতাস মসজিদের রাস্তা ধরে ।
হারু মাস্টার এখন সোজা বাড়ির দিকে ।
[ N. B –
এই আঞ্চলিক ভাষা ঝাড়বাড়ি গ্রামের
(দিনাজপুর, পশ্চিম বঙ্গ)।
এই আঞ্চলিক ছড়ার মানে-
“হেঁচকিরে হেঁচকি
নদীতে গেলাম মাছ ধরলাম
এবার আমার হেঁচকি তুই চলে যা ।” ]
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