अचानक फ़ोन की स्क्रीन जल उठती है।
तुम मैसेज करते हो, “अभी तक सोए नहीं?”
मैं इस शांत रात में अकेला हँसता हूँ
तुमने मेरी नींद छीन ली है
यह बात मैं किसी भी रात नहीं कह सकता।
आज, भले ही हम दूर हैं
हम बहुत करीब हैं
वो एक-एक लाइन के मैसेज
मेरा पूरा दिन बदल देते हैं।
जब तुम आस-पास नहीं होते
एक कप गर्म चाय भी
बहुत ठंडी लगती है।
जब तुम यहाँ होते हो
मेरी छोटी सी बालकनी फूलों से भर जाती है।
जब मैं तुम्हारी बातें सुनता हूँ
मेरी सारी थकान
कविता का रूप ले लेती है।
मैं कितना बदल गया हूँ
हर सुबह तुमसे शुरू होती है
तुम्हारा नाम मेरी रूह में बसा हुआ है।









