Audio Drama(2) : Return 🔼

(2)

 Audio Drama  :  Return   ⬆️

 Playwright  :  Jotsna Jari

 .

 ° Tuhin :-   Oh white dressed lady…  

 * Shweta :-   Who… Who ?  What do you call me !  (Looking into his eyes)… I don’t know you.

 ° Tuhin :-   Nandini, Rajanigandha, Rain, Parrot…    How many other names 

shall I call you ?

 * Shweta :-   Stop…   don’t call me further. The one who used to call me by all these names  is no more.  No one can call me by these names except him.

 ° Tuhin :-   Of course…   there is someone who can call you by this name.

 * Shweta :-   Shut up.  I can’t stand it.  (Covering ears with both hands).

 ° Tuhin :-   (singing in a melodious voice)… “Come queen, you’ll be my darling / I will tuck star-flower in your hair. ” 

 * Shweta :-   This is unbearable…      .

stop this. (she covers her ears 

and sits down).

 ° Tuhin :-   Dola, get up…   you don’t get hurt. 

 * Shweta :-   How do you know my all these names ?  Tell me… do you know Tuhin ? Tell me…  please tell me.

 ° Tuhin :-   Yes…   I know. 

 * Shweta :-   Yaaa…  your voice is just 

like Tuhin. 

 ° Tuhin :-   So understand ?  Is there anything else in common  ? 

 # (continuous… )

💙.

(2)

 Аудиодрама: Возвращение   ⬆️

 Сценарист: Йотсна Яри

 .

 ° Тухин :-  О дама в белом платье…

 * Света :-   Кто… Кто?  Как ты меня называешь!  (Глядя ему в глаза)… Я тебя не знаю.

 ° Тухин: –  Нандини, Раджанигандха, Дождь, Птица-попугай…  Сколькими еще именами я могу назвать вас?

 * Светлана :-  Прекратите…   не называйте меня больше такими именами.  Того, кто называл меня всеми этими именами, больше нет.  Никто не может называть меня этими именами, кроме него.

 ° Тухин :-   Конечно…   есть кто-то, кто может называть вас этим именем.

 * Светлана :-   Заткнись.  Я не могу этого вынести.  (Закрывает уши обеими руками).

 ° Тухин :-   (напевая мелодичным голосом)… “Приходи, королева, ты будешь моей милой / Я уложу звездный цветок в твои волосы”.

 * Светлана :-   Это невыносимо…    прекратите.  (закрывает уши и садится).

 ° Тухин: – Дола, вставай… Не поранься.

 * Света :-   Откуда ты знаешь все эти мои имена?  Скажи мне… ты знаешь Тухина?  Скажи мне… скажи мне, пожалуйста.

 ° Тухин :-   Да…  Я знаю.

 * Светлана :-   Дааа… Ваш голос прямо как у Тухина.

 ° Тухин: — Так понял?  Есть ли еще что-то общее?

 # (непрерывно…)

#️⃣

(2) 

শ্রুতি নাটক  :  ফেরা   ⬆️

নাট্যকার  :  জ্যোৎস্না জরি  

° তুহিন :-   ওগো শুভ্রবসনা…  

* শ্বেতা :-    কে…   কে ? কি বলে ডাকলে আমায় ! (চোখের দিকে তাকিয়ে)…   আমি তো তোমাকে চিনি না । 

° তুহিন :-   নন্দিনী, রজনীগন্ধা, বৃষ্টি, টিয়ে, ফিঙে…   আর কত নামে তোমায় ডাকব ? 

* শ্বেতা :-   খবরদার না । এ সব নামে যে আমায় ডাকত…   সে তো নেই । সে ছাড়া কেউ এ নামে আমাকে ডাকতে পারে না । 

° তুহিন :-   পারে । এমন কেউ আছে যে তোমাকে এ নামে ডাকতে পারে । 

* শ্বেতা :-   চুপ করো বলছি । আমি সহ্য করতে পারছি না । (দুই হাতে কান ঢাকে ) । 

° তুহিন :-   (চাপা গলায় গান ধরে)…   “মোর প্রিয়া হবে এসো রানী / দেব খোঁপায় তারার ফুল ।” 

* শ্বেতা :-   অসহ্য…   বন্ধ করো এসব । (কান ঢেকে বসে পড়ে) । 

° তুহিন :-   দোলা ওঠো…   কষ্ট পেয়ো না । 

* শ্বেতা :-   এই নামটা তুমি জানলে কি করে ? 

বলো…   তুমি কি তুহিনকে চিনতে ? বলো না…   প্লিজ বলো । 

° তুহিন :-   চিনতাম তো । 

*শ্বেতা :-   জানো…   তোমার গলাটা ঠিক তুহিনের মতো । 

° তুহিন :-   তাই ? আর কিছু…  আর…  

# (ধারাবাহিক…  )

⛲ 


(2)

 ڈرامہ شاعری : واپسی

 مصنفہ : جوتسنا جری

 .

 ° توہین:-  اوہ سفید پوش خاتون…

 * شویتا:- کون… کون؟  تم مجھے کیا کہتے ہو!  (اس کی آنکھوں میں دیکھتے ہوئے)… میں آپ کو نہیں جانتا۔

 ° توہین:-  نندنی، رجنی گندھا، بارش، طوطا چڑیا… میں تمہیں کتنے اور ناموں سے پکاروں؟

 *شویتا:-  بند کرو… مجھے اب ان ناموں سے مت پکارو۔  جو مجھے ان سب ناموں سے پکارتا تھا وہ اب نہیں رہا۔  اس کے سوا کوئی مجھے ان ناموں سے نہیں پکار سکتا۔

 ° توہین:-  بے شک… کوئی ہے جو آپ کو اس نام سے پکار سکتا ہے۔

 *شویتا:-  چپ رہو۔  میں اسے برداشت نہیں کر سکتا۔  (دونوں ہاتھوں سے کانوں کو ڈھانپنا)۔

 ° توہین :-  (سریلی آواز میں گانا)… “آؤ ملکہ، تم میری جان ہو گی/ میں تمہارے بالوں میں ستارے کا پھول لگاؤں گا۔”

 *شویتا:-  یہ ناقابل برداشت ہے… بند کرو اسے۔  (وہ اپنے کان ڈھانپ کر بیٹھ جاتی ہے)۔

 ° توہین:-  ڈولا اٹھو… تمہیں کوئی چوٹ تو نہیں ہے۔

 * شویتا:-  آپ میرے یہ سارے نام کیسے جانتی ہیں؟  بتاؤ… کیا تم تہین کو جانتی ہو؟  مجھے بتائیں… براہ کرم مجھے بتائیں۔

 ° توہین:-  ہاں… مجھے معلوم ہے۔

 *شویتا:-  ہاں… تمہاری آواز بالکل توہین جیسی ہے۔

 ° توہین:-  تو سمجھے؟  کیا کوئی اور چیز مشترک ہے؟

 # (مسلسل…)

🌀 


(2)

 ऑडियो ड्रामा  :  वापसी ️  ⬆️

 नाटककार  :  जोत्सना जरी

 .

 ° तुहिन :-   ओह सफेद कपड़े पहने महिला…

 *श्वेता :-   कौन… कौन ?  तुम मुझे क्या कहते हो!  (उसकी आँखों में देखते हुए)… मैं तुम्हें नहीं जानता।

 ° तुहिन :-   नंदिनी, रजनीगंधा, वर्षा, तोता चिड़िया…   और कितने नाम से पुकारूँ तुझे ?

 *श्वेता :-   रुको…   मुझे अब उन नामों से मत पुकारो।  जो मुझे इन सब नामों से पुकारता था वह अब नहीं रहा।  उनके सिवा कोई मुझे इन नामों से नहीं पुकार सकता।

 ° तुहिन :-   बेशक…   कोई है जो आपको इस नाम से बुला सकता है।

 *श्वेता :-   चुप रहो।  मैं इसे बर्दाश्त नहीं कर सकता।  (दोनों हाथों से कानों को ढकना)।

 ° तुहिन :-   (मधुर स्वर में गाते हुए)… “आओ रानी, ​​तुम मेरी जान बनोगी / मैं तुम्हारे बालों में तारा-फूल लगाऊंगा।”

 *श्वेता :-   यह असहनीय है…  इसे रोको।  (वह अपने कान ढँक लेती है और बैठ जाती है)।

 ° तुहिन :-   डोला, उठो…  तुम्हें चोट नहीं लगती।

 *श्वेता :-   आप मेरे इन सभी नामों को कैसे जानते हैं ?  मुझे बताओ… क्या तुम तुहिन को जानते हो?  मुझे बताओ…  मुझे बताओ।

 ° तुहिन :-   हाँ…   मुझे पता है।

 *श्वेता :-  याआ… तुम्हारी आवाज बिल्कुल तुहिन जैसी है।

 ° तुहिन :-   तो समझे ?  क्या कुछ और समान है ?

( # (निरंतर… )

💙

Audio Drama (1) : Return 🔼

(1)

Audio Drama  :  Return   ⬆️

Playwright  :  Jotsna Jari

 .

[ Shweta laughed to herself.  A dream of sleep around.  After many years she came to Jaldapara.  It has not been seen her for a long time here.  It rained a while ago.  Water is falling from the leaves.  Shweta asked the driver to park the car and proceeded towards the tower.

 When she comes to the forest, she wants to climb the tower.  Much of the forest can be seen from the tower.  

After how many days  she is looking 

at the trees !  

Ah…   there is no exchange of language between each other , but there is exchange of minds.  ]

* Shweta (says to the trees slowly 

 in her mind) :- 

 I came to you after many days.

 Don’t you ever ask me…   

 Why I didn’t come here ?  

 Why I am alone today ?

 Oh…   you are crying !!  (water is dripping from the leaves)… Or are you getting wet ?

Now she is immediately upset. Anyway, there is no way to see the nature standing alone in the tower.  There is a crowd of boys around here.  The noise broke the silence.

(Suddenly a hand on her shoulder…  Shweta startles.)

who…   who are you ?  I don’t know you ! 

 .

 [ N. B-     The Jaldapara Sanctuary is located at the foothills of the Eastern Himalayas;  Alipurduar district of West Bengal, India.

 Here the Wildlife Act (1941) was established to protect the Indian rhinoceros. ]

💙

(1)

Аудиодрама: Возвращение   ⬆️

 Драматург: Йотсна Яри

 .

[ Светлана рассмеялась про себя.  Мечта сна вокруг.  Через много лет она приехала в Джалдапару.  Давно ее здесь не видели.  Некоторое время назад шел дождь.  Вода падает с листьев.  Светлана попросила водителя припарковать машину и направилась к башне.

 Когда она приходит в лес, она хочет забраться на башню.  С башни видно большую часть леса.

 Через сколько дней она смотрит на деревья!

 Ах…   нет обмена языками между собой, но есть обмен мнениями.  ]

 * Светлана (медленно мысленно говорит деревьям) :-

 Я пришел к вам через много дней.  Никогда не спрашивай меня…

 Почему я не пришел сюда?

 Почему я сегодня одна?

 О…  ты плачешь!!  (с листьев капает вода)… Или промокнешь?

 Теперь она сразу расстроится.  В любом случае, нет возможности увидеть природу, стоящую в одиночестве в башне.  Вокруг толпа мальчишек.  Шум нарушил тишину.

 (Внезапно рука ей на плечо… Светлана вздрагивает.)

 кто…  кто ты ?  

 Я не знаю тебя !

 .

 [ NB- Святилище Джалдапара расположено в предгорьях Восточных Гималаев;  Район Алипурдуар в Западной Бенгалии, Индия.

 Здесь был принят Закон о дикой природе (1941 г.) для защиты индийского носорога.  ]

🎵 

(1)

শ্রুতি নাটক  :  ফেরা   ⬆️

নাট্যকার  :  জ্যোৎস্না জরি 

[ জলদাপাড়া অভয়ারণ্য অবস্থিত পূর্ব হিমালয় পাহাড়ের পাদদেশে ; পশ্চিমবঙ্গের আলিপুরদুয়ার জেলা, ভারত । 

এখানে ভারতীয় গন্ডারের সুরক্ষার জন্য প্রতিষ্ঠিত হয়েছে বন্যপ্রাণী ( 1941) আইন । 

আপনমনে হেসে ওঠে শ্বেতা । একটা ঘুম ঘুম স্বপ্ন । অনেক বছর পর সে জলদাপাড়ায় এসেছে । অনেক দিন এ মুখো হয় না । কিছুক্ষণ আগে বৃষ্টি হয়েছে । পাতা থেকে জল পড়ছে । শ্বেতা ড্রাইভারকে গাড়িটা পার্ক করতে বলে টাওয়ারের দিকে এগোয় । 

জঙ্গলে এলে টাওয়ারে ওঠা চাই । টাওয়ার থেকে জঙ্গলের অনেকটা দেখা যায় । গাছাগুলোকে কতদিন পর দেখছে । আহ , 

পরস্পরের ভাষা বিনিময় নেই, কিন্তু দৃষ্টি বিনিময় হচ্ছে । ]

শ্বেতা (মনে মনে গাছগুলোকে বলে) :- 

অনেক দিন পর তোমাদের কাছে এলাম । 

একবারও কি শুধোবে না…   

কেন আসি নি ? একা কেন ? 

একি তোমরা কাঁদছ  !! (পাতা থেকে জল ঝরছে )…   না কি ভিজে গেছ । 

যা হোক  টাওয়ারে একা একা দাঁড়িয়ে প্রকৃতি দেখার জো নেই । চারপাশে ছেলে ছোকরাদের ভিড় । নীরবতা ভঙ্গ করে কোলাহল । 

(হঠাৎ তার কাঁধে হাত । শ্বেতা চমকে ওঠে ।) 

কে ? কে তুমি ? আমি তো তোমায় চিনলাম না ! 

💦 

(1)

شاعرانہ ڈرامہ : واپسی

 ڈرامہ نگار: جوتسنا جری

 .

[ شویتا خود ہی ہنس پڑی۔  آس پاس کی نیند کا خواب۔  کئی سالوں کے بعد وہ جلداپارہ آئی۔  کافی دنوں سے اسے یہاں نہیں دیکھا۔  کچھ دیر پہلے بارش ہوئی۔  پتوں سے پانی گر رہا ہے۔  شویتا نے ڈرائیور سے گاڑی کھڑی کرنے کو کہا اور ٹاور کی طرف بڑھ گئی۔

 جب وہ جنگل میں آتی ہے تو وہ ٹاور پر چڑھنا چاہتی ہے۔  ٹاور سے جنگل کا زیادہ تر حصہ دیکھا جا سکتا ہے۔

 کتنے دنوں بعد وہ درختوں کو دیکھ رہی ہے!

 آہ… ایک دوسرے کے درمیان زبان کا تبادلہ نہیں ہوتا بلکہ ذہنوں کا تبادلہ ہوتا ہے۔  ]

 * شویتا (اپنے دماغ میں آہستہ آہستہ درختوں سے کہتی ہے):-

 میں بہت دنوں کے بعد آپ کے پاس آیا ہوں۔  مجھ سے کبھی مت پوچھو…

 میں یہاں کیوں نہیں آیا؟

 آج میں اکیلا کیوں ہوں؟

 اوہ… تم رو رہی ہو!!  (پتوں سے پانی ٹپک رہا ہے)… یا آپ گیلے ہو رہے ہیں؟

 اب وہ فوراً پریشان ہے۔  ویسے بھی ٹاور میں اکیلے کھڑے قدرت کو دیکھنے کا کوئی طریقہ نہیں ہے۔  ادھر ادھر لڑکوں کا ہجوم ہے۔  شور نے خاموشی کو توڑا۔

 (اچانک اس کے کندھے پر ہاتھ… شویتا چونکا۔)

 کون… تم کون ہو؟  میں آپ کو نہیں جانتا!

 .

 [ N. B- جلداپارہ پناہ گاہ مشرقی ہمالیہ کے دامن میں واقع ہے۔  علی پور دوار ضلع مغربی بنگال، ہندوستان۔

 یہاں ہندوستانی گینڈے کے تحفظ کے لیے وائلڈ لائف ایکٹ (1941) قائم کیا گیا تھا۔  ]

⛲ 

(1)

ऑडियो  कविता :  वापसी   ⬆️

 नाटककार  :  जोत्सना जरी 

 .

 ( श्वेता खुद पर हंस पड़ी।  चारों ओर नींद का सपना।  कई वर्षों के बाद वह जलदापारा आई।  उसे यहां लंबे समय से नहीं देखा गया है।  कुछ देर पहले बारिश हुई थी।  पत्तों से पानी गिर रहा है।  श्वेता ने ड्राइवर से कार पार्क करने को कहा और टावर की तरफ बढ़ गई।

जब वह जंगल में आती है, तो वह टावर पर चढ़ना चाहती है।  टावर से बहुत सारे जंगल देखे जा सकते हैं।

 वह कितने दिनों के बाद पेड़ों को देख रही है!

 आह…   आपस में भाषा का आदान-प्रदान नहीं होता, लेकिन विचारों का आदान-प्रदान होता है। )

 *श्वेता (पेड़ों से मन में धीरे से कहती है) :-

 मैं बहुत दिनों बाद आपके पास आया हूं।  तुम मुझसे कभी मत पूछो…

 मैं यहाँ क्यों नहीं आया ?

 मैं आज अकेला क्यों हूँ?

 ओह…  तुम रो रहे हो !!  (पत्तियों से पानी टपक रहा है)… या आप भीग रहे हैं?

 अब वह तुरंत परेशान है।  वैसे भी टावर में अकेले खड़ी प्रकृति को देखने का कोई रास्ता नहीं है।  यहां लड़कों की भीड़ लगी रहती है।  शोर ने चुप्पी तोड़ी।

(अचानक उसके कंधे पर हाथ…  

श्वेता चौंक जाती है।)

 कौन…   तुम कौन हो ?  

 मैं आपको नहीं जानता !

 .

 [एन. बी- जलदापारा अभयारण्य पूर्वी हिमालय की तलहटी में स्थित है;  पश्चिम बंगाल, भारत का अलीपुरद्वार जिला।

 यहां भारतीय गैंडों की रक्षा के लिए वन्यजीव अधिनियम (1941) की स्थापना की गई थी।  ]

🌀

Poetry : The Sky Calls Khoka 🔼

Rhyme : The sky calls Khoka  ⬆️ 

Poet : Jotsna Jari

 .

 Khoka comes to the sky 

 with the wings of courage…  

 Have no fear  because 

 all clouds are by your side. 

 .

 You become raindrop  and 

 sink into the grass…  

 Ah, hide & seek will be played 

 during the rainy season. 

 .

 You will swing the seedling in paddy  

 you will shake the fruit…  

 How good will it be  Khoka 

 if this all happened. 

 .

 Do you have any thoughts 

 come on now…  

 Chand-Mama will scold 

 if you are late. 

[ N. B – 

1. The name of a child is Khoka. 

This Bengali name is very popular 

to every mother. 

2. This Bengali myth Chand-Mama is famous to evey children. Child thinks Moon is lovely uncle(Chand-Mama). ]

🔷 

Рифма: Небо зовет Хоку   ⬆️

 Поэт: Йотсна Яри

 .

 Хока приходит в небо

 на крыльях мужества…

 Не бойтесь, потому что

 все облака рядом с тобой.

 .

 Ты становишься каплей дождя и

 утонуть в траве…

 Ах, в прятки будут играть

 в сезон дождей.

 .

 Вы будете качать рассаду в рисовом поле

 ты будешь трясти фрукт…

 Насколько хорошо это будет Хока

 если бы все это произошло.

 .

 У тебя есть какие-нибудь мысли

 давай же…

 Чанд – Мама будет ругать

 если вы опоздали.

 .

 [ Н. Б –

 1. Имя ребенка Хока.  Это бенгальское имя очень нравится каждой матери.

 2. Этот бенгальский миф «Чанд-мама» известен всем детям.  Ребенок считает Луну милым дядей.  ]

💛


ছড়া  :  আকাশ ডাকে খোকাকে   ⬆️

কবি  :  জ্যোৎস্না জরি 

সাহসের ডানা মেলে  আয় 

খোকা আকাশে 

ভয় নেই  সব মেঘ 

আছে তোর পাশে ।

বৃষ্টির ফোঁটা হয়ে 

ডুব দিবি ঘাসে 

লুকোচুরি খেলা হবে 

বৃষ্টির মাসে । 

.

চারা ধানে  দোলা দিবি 

দোলা দিবি ফলে 

কত ভালো  হবে খোকা 

এইসব হলে । 

.

ভাবনার আছে কি 

ছুটে এসো এখুনি 

দেরি হলে  চাঁদ মামা 

দিয়ে দেবে বকুনি । 

🌴 

شاعری: آسمان کھوکا کہتا ہے۔

 شاعرہ: جوتسنا جری

 .

 کھوکا آسمان پر آتا ہے۔

 ہمت کے پروں سے…

 کوئی ڈر نہیں کیونکہ

 تمام بادل آپ کے ساتھ ہیں.

 .

 آپ بارش کی بوند بن جاتے ہیں اور

 گھاس میں ڈوبنا…

 آہ، چھپائیں اور تلاش کریں گے

 برسات کے موسم کے دوران.

 .

 آپ دھان میں پودے کو جھولیں گے۔

 تم پھل ہلا دو گے…

 کتنا اچھا ہو گا کھوکا

 اگر یہ سب ہوا.

 .

 کیا آپ کو کوئی خیال ہے؟

 چلو اب…

 چاند- ماما ڈانٹیں گے۔

 اگر آپ دیر کر رہے ہیں.

 .

 [این بی –

 1. ایک بچے کا نام کھوکا ہے۔  یہ بنگالی نام ہر ماں کے لیے بہت مشہور ہے۔

 2. یہ بنگالی افسانہ چاند ماما بچوں کے لیے مشہور ہے۔  بچہ سمجھتا ہے کہ چاند پیارا چچا ہے۔  ]

🌀 

तुकबंदी : आकाश खोका को बुलाता है   ⬆️

 कवि: जोत्सना जरी

 .

 खोका आकाश में आता है

 साहस के पंखों से…

 डरो मत क्योंकि

 सारे बादल तुम्हारे पास हैं।

 .

 तुम बारिश की बूँद बन जाते हो और

 घास में डूबो…

 आह, लुका-छिपी खेली जाएगी

 बरसात के मौसम के दौरान।

 .

 तुम धान में अंकुर घुमाओगे

 तुम फल हिलाओगे…

 कितना अच्छा होगा  खोका

 अगर यह सब हुआ।

 .

 क्या आपके पास कोई विचार है

 अब चलो…

 चांद-मामा डांटेंगे

 अगर आपको देर हो गई है।

 .

 [एन बी –

 1. एक बच्चे का नाम खोका है।  यह बंगाली नाम हर माँ के लिए बहुत लोकप्रिय है।

 2. यह बंगाली मिथक चांद-मामा बच्चों के लिए प्रसिद्ध है।  बच्चा सोचता है कि चंद्रमा प्यारा मामा है।  ]

🏛️

Story (14) : Two Leaves A Bud 🔼

(14)

 Story  :  Two Leaves  A Bud ⬆️

 Writer  :  Jotsna Jari.

 .

 Atasi looked at the two faces for a few moments. Instantly she cycled away.

Titas never met Atsi again until he joined to this hospital.  Atasi became first in this sub-division in Madhyamik examination. Titas saw this news in the local newspaper.

After that incident, Atsi no longer had any relationship with Mohsin’s sister.  But since then, Titas has an unknown regret in his heart. Why !! 

 After coming here as a Doctor, he has heard the praise of Atsi’s quality from many in neighborhood.  Now added to her quality is the striking appearance.  On that day, Titas got the news of her passing the Net from the former head master of her school.  Now Atasi will become a college lecturer. 

 Titas rejected the love of how many girls in his life.  But Atsi is the only one who claims first love.  Now she is slow and steady today. 

 Two different religions are their only obstacle !!  Titas suddenly stands in the way of light.  Religion makes the life beautiful.  If that life is formed by sheltering two different lives…   then what is the harm !!

 He woke up to the crowing of the rooster.  Titas opens the window.  The home is filled with morning light.  Suddenly he is free now…   unending joy all around. Yes…   he will stand before her.  How many days he did not smile such a beautiful smile.

Brushing his teeth, he goes to the tea garden.  A flock of white buck birds are eating in the tree…   seems like insects.  What a wonderful morning in the tea garden. He looks back & sees…   

Atasi is standing in their garden.  When did she come ?

A few moments…    two lives come towards each other.  A lot of unspoken words begin to blossom.  They proceed to the land of “Two Leaves  A Bud”.

 (*** END ***)

💦

(14)

 Рассказ  :  Два Листа Бутон   ⬆️

 Сценарист: Йотсна Яри

 .

 Атаси несколько мгновений смотрел на лица обоих.  Мгновенно она уехала.

 Он больше никогда не встречался с Атаси, пока не поступил в эту больницу.  Атаси стал первым в этом подразделе на экзамене по мадхьямике.  Эту новость Титас увидел в местной газете.

 После этого инцидента у Атаси больше не было никаких отношений с сестрой Мохсина.  Но с тех пор у Титаса в сердце появилось неведомое сожаление.  Почему !!

 Приехав сюда в качестве доктора, он услышал похвалу качества Атаси от многих в округе.  Теперь к ее качеству добавилась яркая внешность.  В тот день Титас узнала о том, что она прошла через Сеть, от бывшего директора ее школы.  Теперь Атаси станет преподавателем колледжа.

 Титас отверг любовь скольких девушек в его жизни.  Но Атаси — единственная, кто претендует на первую любовь.  Теперь она медленная и устойчивая сегодня.

 Две разные религии – их единственное препятствие!!  Титас внезапно становится на пути света.  Религия делает жизнь прекрасной.  Если эта жизнь формируется путем приюта двух разных жизней…   тогда какой вред!!

 Проснулся он от крика петуха.  Титас открывает окно.  Дом наполнен утренним светом.  Внезапно он теперь свободен… нескончаемая радость вокруг.  Да… он будет стоять перед ней.  Сколько дней он не улыбался такой красивой улыбкой.

 Почистив зубы, он идет в чайный сад.  Стая белых самцов ест на дереве… похоже на насекомых.  Какое чудесное утро в чайном саду.  Он оглядывается назад и видит… Атаси стоит в их саду.  Когда она пришла?

 Несколько мгновений… две жизни идут навстречу друг другу.  Многие невысказанные слова начинают расцветать.  Они отправляются в страну «Два листа и бутона».

 (*** КОНЕЦ ***)

(14)

গল্প  :  দুটি পাতা  একটা কুঁড়ি  ⬆️

লেখিকা  :  জ্যোৎস্না জরি  

.

অতসী বার কয়েক দুইজনের মুখের দিকে তাকাল । মুহূর্তে সাইকেল চালিয়ে দ্রত চলে গেল । 

এই হাসপাতালে আসার আগে পর্যন্ত…  অতসীর সাথে তার আর দেখা হয় নি । শুধু মাধ্যমিকে মহকুমার মধ্যে অতসীর প্রথম হবার 

খবর…   স্থানীয় খবরের কাগজে দেখেছিল তিতাস । 

সেই ঘটনার পর থেকে অতসী আর মহসিনের বোনের সাথে কোনো সম্পর্ক রাখে নি । সেই থেকে তিতাসের গভীরে অজানা অনুশোচনা রয়ে গেছে । কেন  ? 

ডাক্তারি পাশ করে এখানে আসার পর , পাড়ায় অনেকের মুখে অতসীর গুণের প্রশংসা শুনেছে । এখন যেন যোগ হয়েছে সেই চোখ ধাঁধানো রূপ । সেদিন ওর স্কুলের প্রাক্তন হেড মাস্টারের মুখে, তার নেট পাশ করার খবর পেয়েছে তিতাস । এবার অতসী হয়ে যাবে কলেজের লেকচারার । 

জীবনে কত মেয়ের প্রেম প্রত্যাখান করেছে তিতাস । কিন্তু প্রথম প্রেমের দাবিদার একমাত্র অতসী । অথচ অতসী আজ ধীর স্থির । 

দুটো ভিন্ন ধর্ম কি একমাত্র বাধা !! তিতাস হঠাৎ আলোর পথে দাঁড়ায় । ধর্ম তো জীবনকে সুন্দর করে গড়ে তোলে । সে জীবন যদি দুটো ভিন্নধর্মী জীবনকে আশ্রয় করে গড়ে ওঠে…   ক্ষতি কি  !! 

মোরগের ডাক শুনে ঘুম ভাঙে । জানলা খুলে দেয় তিতাস । ভোরের আলোয় ভরে যায় ঘর । সে এখন মুক্ত…  অনাবিল । অতসীর কাছে গিয়ে দাঁড়াবেই । এত সুন্দর হাসি কতদিন সে হাসে নি । 

দাঁত ব্রাশ করতে করতে চা বাগানে চলে যায় । এক ঝাঁক সাদা বক কি যেন খুঁটে খাচ্ছে গাছে…   মনে হয় পোকা । কি অপূর্ব এই ভোরবেলার চা বাগান । পিছন ফিরে তাকিয়ে দেখে…   অতসী তাদের বাগানে দাঁড়িয়ে আছে । কখন এলো অতসী  ? 

কয়েক মুহূর্ত । দুইজন দুজনের দিকে এগিয়ে আসে । অনেক না বলা কথার ফুল ফুটতে থাকে । তারা এগিয়ে যায়  “দুটি পাতা  একটি কুঁড়ির” দেশে ।  

(***  শেষ   ***)

💙 

(14)

 کہانی  :  دو پتے  ایک کلی 

 مصنفہ : جوتسنا جری

 .

 عطاسی نے چند لمحے دونوں کے چہروں کو دیکھا۔  فوراً ہی وہ سائیکل چلاتا چلا گیا۔

 وہ اتاسی سے دوبارہ کبھی نہیں ملا جب تک کہ وہ اس ہسپتال میں داخل نہ ہوا۔  اتاسی مدھیامک کے امتحان میں اس سب ڈویژن میں اول رہے۔  تیتاس نے یہ خبر مقامی اخبار میں دیکھی۔

 اس واقعے کے بعد عطاسی کا محسن کی بہن سے کوئی رشتہ نہیں رہا۔  لیکن تب سے تیتاس کے دل میں ایک انجانی ندامت ہے۔  کیوں!!

 ڈاکٹر کے طور پر یہاں آنے کے بعد، اس نے آس پاس کے بہت سے لوگوں سے اتاسی کے معیار کی تعریف سنی ہے۔  اب اس کے معیار میں حیرت انگیز ظہور شامل ہے۔  اس دن، تیتاس کو اس کے اسکول کے سابق ہیڈ ماسٹر سے نیٹ پاس کرنے کی خبر ملی۔  اب عطاسی کالج کا لیکچرار بنے گا۔

 تیتاس نے اپنی زندگی میں کتنی لڑکیوں کی محبت کو ٹھکرایا۔  لیکن اتاسی واحد ہے جو پہلی محبت کا دعویٰ کرتا ہے۔  اب وہ آج سست اور مستحکم ہے۔

 دو مختلف مذاہب ان کی واحد رکاوٹ ہیں!!  تیتاس اچانک روشنی کی راہ میں آ کھڑا ہوا۔  مذہب زندگی کو خوبصورت بناتا ہے۔  اگر وہ زندگی دو مختلف زندگیوں کو پناہ دے کر بنتی ہے تو کیا حرج ہے!!

 مرغ کے بانگ سن کر وہ بیدار ہوا۔  تیتاس کھڑکی کھولتا ہے۔  گھر صبح کی روشنی سے بھرا ہوا ہے۔  اچانک وہ اب آزاد ہے… چاروں طرف لامتناہی خوشی۔  ہاں… وہ اس کے سامنے کھڑا ہوگا۔  کتنے دنوں سے وہ اتنی خوبصورت مسکراہٹ نہیں مسکرائی تھی۔

 دانت صاف کر کے وہ چائے کے باغ میں چلا جاتا ہے۔  سفید ہرن کے پرندوں کا جھنڈ درخت میں کھا رہا ہے… لگتا ہے کہ کیڑے مکوڑے ہیں۔  چائے کے باغ میں کتنی شاندار صبح تھی۔  اس نے پیچھے مڑ کر دیکھا… اتاسی ان کے باغ میں کھڑا ہے۔  وہ کب آئی؟

 چند لمحے… دو زندگیاں ایک دوسرے کی طرف آتی ہیں۔  بے تحاشا الفاظ پھولنے لگتے ہیں۔  وہ “دو پتے ایک بڈ” کی سرزمین کی طرف بڑھتے ہیں۔

 (** اختتام ***)

🌀 

(14)

 कहानी  :  दो पत्ते  एक कली ️  ⬆️

 लेखक  :  जोत्सना जरी

 .

 अतसी ने कुछ पल दोनों चेहरों को देखा।  वह तुरंत साइकिल से चली गई।

 जब तक वह इस अस्पताल में शामिल नहीं हुए, तब तक वह अतसी से फिर कभी नहीं मिले।  अतसी माध्यमिक परीक्षा में इस अनुमंडल में प्रथम बनी।      तीतास ने यह खबर स्थानीय अखबार में देखी।

 उस घटना के बाद अतासी का मोहसिन की बहन से कोई रिश्ता नहीं रह गया था।  लेकिन तब से, तीतास के दिल में एक अनजाना पछतावा है।  क्यों !!

 डॉक्टर के रूप में यहां आने के बाद उन्होंने आस-पड़ोस के कई लोगों से अतसी के गुण की प्रशंसा सुनी है।  अब उसकी गुणवत्ता में एक आकर्षक उपस्थिति जुड़ गई है।  उस दिन, टाइटस को उसके स्कूल के पूर्व प्रधानाध्यापक से नेट पास करने की खबर मिली।  अब अतसी कॉलेज लेक्चरर बनेंगी।

तीतास ने अपने जीवन में कितनी लड़कियों के प्यार को ठुकरा दिया।  लेकिन अतसी ही वह है जो पहले प्यार का दावा करती है।  अब वह आज धीमी और स्थिर है।

 दो अलग-अलग धर्म उनकी एकमात्र बाधा हैं !! तीतास अचानक रोशनी के रास्ते में खड़ा हो जाता है।  धर्म जीवन को सुंदर बनाता है।  दो अलग-अलग जिंदगियों को पनाह देकर अगर वो जीवन बनता है…   तो क्या हर्ज है !!

 वह मुर्गे के बांग देने से जागा। तीतास खिड़की खोलता है।  घर सुबह की रोशनी से भर जाता है।  अचानक वह अब मुक्त हो गया… चारों ओर अनंत आनंद।  हाँ…   वह उसके सामने खड़ा होगा।  कितनी दिनों तक वह इतनी सुंदर मुस्कान नहीं मुस्कुराया।

 अपने दाँत ब्रश करते हुए, वह चाय बागान में चला जाता है।  पेड़ में सफेद हिरन के पक्षियों का झुंड खा रहा है… कीड़े की तरह लगता है।  चाय बागान में क्या शानदार सुबह है।  वो पीछे मुड़कर देखता है…   अतसी उनके बगीचे में खड़ी है।  वह कब आई?

 चंद लम्हे… दो जान एक दूसरे की तरफ आते हैं।  बहुत से अनकहे शब्द खिलने लगते हैं।  वे “दो पत्ते  एक कली” की भूमि की ओर बढ़ते हैं।

 (*** समाप्त ***)

🏵️

Fisted Love 🔼

Poetry – Fisted Love

 Poet – Jotsna Jari

 .

 The notation of creation  

 in the embrace of rain

 begins in  body and mind 

 Nature and river wake up  

 in a new ceremony.

 .

 Come today to great festival of creation 

 I will spread love

 one by one 

 You can take it…  

There will be new insanity 

 in the earthly air 

 The monster of violence

 will become mummy in eternal sleep

 .

  Come on 

  hold hands 

  Share the fisted love today 

  through protest…  

 ☘️ 

شاعری – مٹھی بند محبت

 شاعر – جوتسنا جری

 .

 تخلیق کا اشارہ

 بارش کی آغوش میں

 جسم اور دماغ میں شروع ہوتا ہے۔

 فطرت اور دریا جاگ رہے ہیں۔

 ایک نئی تقریب میں

 .

 آج تخلیق کے عظیم تہوار میں آئیں

 میں محبت پھیلاؤں گا۔

 ایک ایک کر کے

 آپ اسے لے سکتے ہیں…

 .

 نیا پاگل پن ہوگا۔

 زمینی ہوا میں

 تشدد کا عفریت

 ابدی نیند میں ماں بن جاؤں گی۔

 .

 چلو بھئی

 ہاتھ پکڑ

 آج مٹھی بھر محبت کا اشتراک کریں۔

 احتجاج کے ذریعے…

 ☘️ 

Поэзия – кулачная любовь

 Поэт – Йотсна Яри

 .

 Обозначение создания

 в объятиях дождя

 начинается в  теле и разуме

 Природа и река проснулись

 в новой церемонии.

 .

 Приходите сегодня на великий праздник творчества

 я буду распространять любовь

 по одному

 Ты можешь взять это…

 .

 Будет новое безумие

 в земном воздухе

 Монстр насилия

 станет мумией в вечном сне

 .

 Ну давай же

 держаться за руки

 Поделись кулачной любовью сегодня

 через протест…

 ☘️

कविता – मुट्ठी प्यार

 कवि – जोत्सना जरी

 .

 सृजन का संकेत

 बारिश के आलिंगन में

 शरीर और दिमाग में शुरू होता है

 प्रकृति और नदी जाग्रत

 एक नए समारोह में।

 .

 आज ही आएं सृष्टि के महान पर्व

 मैं प्यार फैलाऊंगा

 एक के बाद एक

 तुम इसे ले सकते हो…

 .

 नया पागलपन होगा

 सांसारिक हवा में

 हिंसा का राक्षस

 अनन्त नींद में माँ बन जाएगी

 .

 चलो भी

 हाथों को पकड़ना

 आज मुट्ठी प्यार बांटो

 विरोध के माध्यम से…

 ️

 🌍

কবিতা –  মুষ্টিবদ্ধ প্রেম 

কবি –  জ্যোৎস্না জরি 

বৃষ্টির আলিঙ্গনে  সৃষ্টির স্বরলিপি   

শুরু হয়  দেহ ও মনে 

নবীন সমারোহে  জেগে ওঠে 

প্রকৃতি ও নদী  

সৃষ্টির মহোৎসবে  এসো আজ 

প্রেম লুট দেব 

একটা দুটো করে 

নিয়ে যেতে পারো… 

.

পৃথিবীর বাতাসে  

নতুন উন্মাদনা হবে 

হিংসার দানবেরা 

চির ঘুমে  মমি হয়ে যাবে 

এসো  ধরো হাত 

প্রতিবাদে আজ 

মুষ্টিবদ্ধ প্রেম 

ভাগাভাগি করো…  

🌴 

Story (13) : Two Leaves A Bud 🔼

(13)

 Story  :  Two Leaves  A Bud   ⬆️

 Writer  :  Jotsna Jari

 .

 Titas lost his temper  in anger & insult. In the end, he sent a letter to Atasi through Mohsin’s sister…   to meet at the Art School on Sunday.  Atasi learns art there.

 Titas and Mohsin went to meet in time.  Atasi is very smart at that age.  Standing in front of Titus, she says, O-oh…   you have brought a friend about this too ! 

 Titas is surprised.  He looks at Atsi very well…   the color is not bright  but good to see.

The biggest problem…   Atasi is Muslim and Titas is Hindu.

 Titas is handsome enough.  He doesn’t pay attention to anyone so easily. Then  Atasi’s words are ringing in his ears again, O-oh…   You have brought a friend about this too !

 Suddenly Titas lost his temper.  He approaches Atasi.  He raises his hand…  

is it called a slap?  At that moment, Mohsin grabbed his hand quickly.

🔷

(13)

 Рассказ  :  Два листа – бутон   ⬆️

 Сценарист: Йотсна Яри

 .

 Титаас вышел из себя в гневе и оскорблении.  В конце концов, он отправил письмо Атаси через сестру Мохсина… чтобы встретиться в художественной школе в воскресенье.  Атаси учится там искусству.

 Титаас и Мохсин вовремя пошли на встречу.  Атаси очень умен в этом возрасте.  Стоя перед Титаасом, она говорит: О-о… Ты тоже привел друга по этому поводу!

 Титаас удивлен.  Он очень хорошо смотрит на Атси… Цвет не яркий, но хорошо видно.

 Самая большая проблема… Атаси – мусульманин, а Титаас – индуист.

 Титаас достаточно красив.  Он так легко ни на кого не обращает внимания.  Затем в его ушах снова звучат слова Атаси: О-о… Ты тоже привел друга по этому поводу!

 Внезапно Титаас вышел из себя.  Он подходит к Атаси.  Он поднимает руку…

 это называется пощечина?  В этот момент Мохсин быстро схватил его за руку.

💙 

(13) 

গল্প  :  দুটি পাতা  একটা কুঁড়ি  ⬆️

লেখিকা  :  জ্যোৎস্না জরি  

তিতাস রাগে অপমানে দিশেহারা । শেষে সে মহসিনের বোনের হাত দিয়ে চিঠি পাঠায় অতসীকে । রবিবার আর্ট স্কুলে দেখা করার জন্য । অতসী আর্ট শেখে । 

যথাসময়ে তিতাস আর মহসিন গেছে দেখা করতে । অতসী ওই বয়সে অত্যন্ত স্মার্ট । তিতাসের সামনে দাঁড়িয়ে বলে, বারে…   এ ব্যাপারেও বন্ধুকে এনেছো ! 

তিতাস অবাক । ভালো করে অতসীর দিকে চেয়ে থাকে । রংটা চাপা তবে দেখতে ভালো । সব চেয়ে বড় সমস্যা…   অতসী মুসলমান আর তিতাস হিন্দু । 

তিতাস যথেষ্ট হ্যান্ডসাম । অত সহজে কাউকে পাত্তা দেবে না । আবার অতসীর কথাটা কানে বাজে, বারে…   এ ব্যাপারেও বন্ধুকে এনেছো ! 

হঠাৎ তিতাস রাগে দিশেহারা । সে অতসীর কাছে এগিয়ে যায় । বেচাল হাত ওঠায়…   একে কি থাপ্পড় বলে ? মুহূর্তে মহসিন ওর হাত তাড়াতাড়ি ধরে ফেলে । 

🌀 

(13)

 کہانی  :  دو پتے  ایک کلی

 مصنفہ : جوتسنا جری

 .

 تیتاس غصے اور توہین میں اپنا غصہ کھو بیٹھا۔  آخر میں، اس نے محسن کی بہن کے ذریعے عطاسی کو خط بھیجا… اتوار کو آرٹ اسکول میں ملنے کے لیے۔  اتاسی وہاں فن سیکھتا ہے۔

 تیتاس اور محسن وقت پر ملنے چلے گئے۔  اتاشی اس عمر میں بہت ہوشیار ہے۔  تیتاس کے سامنے کھڑی ہو کر کہتی ہے، اوہ… تم اس بارے میں ایک دوست کو بھی لے آئے ہو!

 تیتا حیران ہے۔  وہ اتسی کو اچھی طرح دیکھتا ہے… رنگ چمکدار نہیں ہے لیکن دیکھنے میں اچھا ہے۔

 سب سے بڑا مسئلہ… اتاسی مسلمان ہے اور تیتا ہندو ہے۔

 تیتاس کافی خوبصورت ہے۔  وہ اتنی آسانی سے کسی کی طرف توجہ نہیں دیتا۔  پھر اس کے کانوں میں اتاسی کے الفاظ دوبارہ گونجنے لگے، اوہ…  تم اس بارے میں ایک دوست کو بھی لے آئے ہو!

 اچانک تیتاس اپنا غصہ کھو بیٹھا۔  وہ عطاسی کے قریب پہنچتا ہے۔  اس نے ہاتھ اٹھایا…

 کیا اسے تھپڑ کہتے ہیں؟  اسی لمحے محسن نے تیزی سے اس کا ہاتھ پکڑ لیا۔

🏛️ 

(13)

 कहानी  :  दो पत्ते  एक कली   ⬆️

 लेखक  :  जोत्सना जरी

 .

 तितास ने क्रोध और अपमान में अपना आपा खो दिया।  अंत में उन्होंने अतसी को मोहसिन की बहन के माध्यम से रविवार को आर्ट स्कूल में मिलने के लिए पत्र भेजा।  अतसी वहां कला सीखती है।

 तितास और मोहसिन समय पर मिलने चले गए।  अतसी उस उम्र में बहुत होशियार हैं।  तीतास के सामने खड़े होकर कहती है, अरे-ओह… इस बारे में भी आप एक दोस्त को लेकर आए हैं!

 तितास हैरान है।  वह अत्सी को बहुत अच्छे से देखता है… रंग चमकीला नहीं है, लेकिन देखने में अच्छा है।

 सबसे बड़ी समस्या… अतसी मुसलमान है और तितास हिन्दू।

 तितास काफी सुंदर है।  वह इतनी आसानी से किसी की ओर ध्यान नहीं देते।  फिर अतसी की बातें उसके कानों में फिर से बज रही हैं, ओह-ओह…  इस बारे में भी आप एक दोस्त को लेकर आए हैं!

अचानक तितास ने अपना आपा खो दिया।  वह अतसी के पास जाता है।  वह हाथ उठाता है…

 थप्पड़ कहा जाता है?  उसी समय मोहसिन ने जल्दी से उसका हाथ पकड़ लिया।

💛

Poetry : Hidden Thorn 🔼


Poetry  –  Hidden Thorn   ⬆️

 Poet  –  Jotsna Jari

 .

Before the fog of strangers cleared, 

he called me & said, 

How are you…   what are you doing ? 

Just before giving the right answer

distanced mountain & 

the light of the tower  were seen… 

Shal flowers laughed 

in absolute crowd. 

Nepali girls  spreading their legs 

on the green lawn 

are laughing 

Continuous nightingale song…  

You stood on the other side of the road

Then I am picking up 

one thorn after another  

from the hem of cotton sari.

🎵

Поэзия – Скрытый шип   ⬆️ 

Поэт – Йотсна Яри

.

 Прежде чем рассеется туман чужих,

 он позвонил мне и сказал,

 Как твои дела? что делаешь ?

 Незадолго до правильного ответа

 удаленная гора &

 виден был свет башни…

 Шал Флауэрс рассмеялся

 в абсолютной толпе.

 Непальские девушки раздвигают ноги

 на зеленой лужайке

 смеются

 Непрерывная соловьиная песня…

 Вы стояли на другой стороне дороги

 Тогда я собираю

 один шип за другим

 из подола хлопкового сари.

🏛️


شاعری – چھپا ہوا کانٹا

 شاعر – جوتسنا جری

.

 اجنبیوں کی دھند صاف ہونے سے پہلے،

 اس نے مجھے بلایا اور کہا

 تم کیسے ہو؟ تم کیا کر رہے ہو ؟

 صحیح جواب دینے سے پہلے

 دور پہاڑ اور

 ٹاور کی روشنی دیکھی گئی…

 شال پھول ہنس پڑے

 مکمل بھیڑ میں.

 نیپالی لڑکیاں اپنی ٹانگیں پھیلا رہی ہیں۔

 سبز لان پر

 ہنس رہے ہیں

 مسلسل رات کا گانا…

 آپ سڑک کے دوسری طرف کھڑے تھے۔

 پھر میں اٹھا رہا ہوں۔

 ایک کے بعد ایک کانٹا

 سوتی ساڑھی کے ہیم سے۔

🌀

कविता  –  चोर कांटा   ⬆️ 

कवि  –  जोत्सना जरी

.

अजनबियों का कोहरा छंटने से पहले,

उसने मुझे बुलाया और कहा,

तुम कैसे हो? तुम क्या कर रहे हो ?

सही जवाब देने से ठीक पहले

दूर पहाड़ और

टावर की रोशनी देखी गई…

शल फूल हँसे

पूरी भीड़ में।

नेपाली लड़कियां पैर फैला रही हैं

हरे लॉन पर

हंस रहे हैं

निरंतर कोकिला गीत…

आप सड़क के दूसरी तरफ खड़े थे

तब मैं उठा रहा हूँ

एक के बाद एक कांटे

सूती साड़ी के हेम से।

🌴


কবিতা  –  চোরকাঁটা    ⬆️

কবি  –  জ্যোৎস্না জরি 

অপরিচয়ের কুয়াশা কাটার সাথে 

আমায় ডেকে বললে, 

কেমন আছ   করছটা কি  ? 

ঠিক রকম জবাব দেবার আগে 

দূরে পাহাড়   দেখা গেল 

টাওয়ারের আলো… 

একেবারে গিজ গিজ ভিড়ে 

শালের ফুল হেসে উঠল  । 

সবুজ লনে  পা ছড়ানো 

নেপালি মেয়েরা 

কলহাস্যে মুখর 

একটানা  পাপিয়ার ডাক 

তুমি অন্যদিকের রাস্তায় উঠলে 

আমি তখন কটন শাড়ির 

আঁচল থেকে একটার পর একটা 

চোরকাঁটা বেছেই চলেছি  । 

💦 

Story (12) : Two Leaves A Bud 🔼

(12)

 Story  :   Two Leaves  A Bud   ⬆️

 Writer  :   Jotsna Jari

 .

Titas opens the cupboard and takes out the medicine & gives her. 

Atasi raises her hands and greets him,

Doctor, I have to go now. 

Titas just folds his hands in surprise.

Now it is ten o’clock at night.  After dinner, he lays down on the bed.  But where is sleep in his eyes !  

Ah…   what is called memory ?   

Yes, this is that Atasi Majumdar,  

daughter of Ali Majumdar…   

who gave him first love letter.  

Titas clearly remembers. 

Titas and Mohsin will give higher secondary examination.  Then Atasi is in class eight.  One day she sent a letter to Titas through Mohsin’s sister.  Titas opened the letter and was surprised.

This is pure love letter ! 

 Mohsin spread that romantic news among friends.  Atasi is such a fatty black girl…. she offers a love letter to Titas !!  

Ha ha ha ha….

💦 

(12)

 История  :   Два листа – бутон   ⬆️

 Сценарист: Йотсна Яри

 .

 Титас открывает шкаф, достает лекарство и дает ей.

 Атаси поднимает руки и здоровается с ним, Доктор… Мне пора идти.

 Титас только складывает руки от удивления.

 Сейчас десять часов вечера.  После ужина он ложится на кровать.  Но где же сон в его глазах!

 Ах… что называется памятью?  Да, это та самая Атаси Маджумдар, дочь Али Маджумдара…  , которая дала ему первое любовное письмо.

 Титаас ясно помнит.

 Титас и Мохсин сдадут экзамены на получение высшего среднего образования.  Тогда Атаси учится в восьмом классе.  Однажды она отправила Титасу письмо через сестру Мохсина.  Титас открыл письмо и удивился.  Это чистое любовное письмо!

 Мохсин распространяет эту романтическую новость среди друзей.  Атаси такая толстая черная девушка…. она предлагает любовное письмо Титасу !!

 Ха ха ха ха….

🎵

(12) 

গল্প  :  দুটি পাতা  একটা কুঁড়ি  ⬆️

লেখিকা  :  জ্যোৎস্না জরি  

নিজেই আলমারি খুলে ঔষুধ বের করে 

দেয় তিতাস । 

অতসী হাত তুলে নমস্কার জানায়, 

আসি ডাক্তারবাবু ।  

তিতাস বিস্ময়ে শুধু হাত দুটো জোড় করে । 

রাত এখন দশটা । খাওয়া দাওয়ার পর বিছানায় শুয়েছে । কিন্তু তিতাসের চোখে ঘুম কই ! স্মৃতি কাহারে কয় ? হ্যাঁ, এই সেই অতসী মজুমদার , আলী মজুদারের মেয়ে…   যে তাকে প্রথম প্রেম পত্র দিয়েছিল । আজও স্পষ্ট মনে পড়ে । 

তিতাস আর মহসিন তখন হায়ার সেকেন্ডারি দেবে ।  অতসী তখন ক্লাস এইটে পড়ে । একদিন মহসিনের বোনের হাত দিয়ে তিতাসকে চিঠি পাঠায় । চিঠি খুলে তিতাস অবাক ।  

এতো প্রেম পত্র ! 

কথাটা বন্ধুদের মধ্যে প্রচার করে মহসিন । ওরকম কালো মোটা মেয়ে…  সে না কি তিতাসকে প্রেম পত্র দিয়েছে  !!  হা হা হা হা… 

🏛️ 

(12)

 کہانی  :  دو پتے  ایک کلی

 مصنف :  جوتسنا جری

 .

 تیتاس الماری کھولتا ہے اور دوا نکال کر اسے دیتا ہے۔

 عطاسی نے ہاتھ اٹھا کر سلام کیا، ڈاکٹر… مجھے ابھی جانا ہے۔

 تیتاس نے حیرت سے ہاتھ جوڑ لیے۔

 اب رات کے دس بج رہے ہیں۔  رات کے کھانے کے بعد وہ بستر پر لیٹ گیا۔  مگر اس کی آنکھوں میں نیند کہاں!

 آہ… یادداشت کسے کہتے ہیں؟  جی ہاں، یہ وہی عطاسی مجمدار ہے، علی مجمدار کی بیٹی، جس نے اسے پہلا محبت نامہ دیا تھا۔

 تیتا کو واضح طور پر یاد ہے۔

 تیتاس اور محسن ہائر سیکنڈری کا امتحان دیں گے۔  تب اتاشی آٹھویں کلاس میں ہے۔  ایک دن اس نے محسن کی بہن کے ذریعے تیتاس کو خط بھیجا۔  تیتاس نے خط کھولا تو حیران ہوا۔  یہ خالص محبت کا خط ہے!

 محسن اس رومانوی خبر کو دوستوں میں پھیلاتا ہے۔  اتاسی اتنی موٹی کالی لڑکی ہے…. وہ تیتاس کو محبت کا خط پیش کرتی ہے!!

 ہا ہا ہا….

🌴 


(12)

 कहानी  :   दो पत्ते  एक कली   ⬆️

 लेखक  :   जोत्सना जरी

 .

 तितास अलमारी खोलता है और दवा निकाल कर उसे देता है।

अतसी ने हाथ उठाकर अभिवादन किया, डॉक्टर… मुझे अभी जाना है।

तितास आश्चर्य से हाथ जोड़ लेता है।

अब रात के दस बजे हैं।  रात के खाने के बाद वह बिस्तर पर लेट गया। पर उसकी आँखों में नींद कहाँ !

आह…   स्मृति किसे कहते हैं ?  जी हां ये है अली मजूमदार की बेटी अतसी मजूमदार… जिन्होंने उन्हें पहला लव लेटर दिया था।

तितास को साफ-साफ याद है।

तितास और मोहसिन हायर सेकेंडरी परीक्षा देंगे।  तब अतसी आठवीं कक्षा में है।  एक दिन उसने मोहसिन की बहन के माध्यम से तितास को एक पत्र भेजा। तितास ने पत्र खोला और हैरान रह गया।  यह शुद्ध प्रेम पत्र है!

मोहसिन उस रोमांटिक खबर को दोस्तों के बीच फैला देता है।  अतसी इतनी मोटी काली लड़की है…. वह तितास को एक प्रेम पत्र देती है !!

 हा हा हा हा….

🌀

Poetry : Feelings 🔼

 Poetry : Feelings   ⬆️

 Poet : Jotsna Jari

 .

 I paint the caress on butterfly’s lips

 When you see rose buds

 you will remember me… 

 a handful of soft lips.

 .

 I have said many things to the wind

 The bud of that word has never 

 blossomed into a flower 

 If you are alone in retirement

 then understand little by little

 .

 I have spread the golden dream

 in the paddy field 

 You can take a look 

 upside down little by little…   

 water picture of

 saying something & saying nothing. 

💦

কবিতা  :  অনুভব   ⬆️

কবি  :  জ্যোৎস্না জরি 

প্রজাপতির ঠোঁটে  এঁকে দিয়েছি আদর 

গোলাপ কুঁড়ি দেখলে 

আমার কথা মনে পড়ে যাবে 

নরম কোমল ঠোঁটের হাতছানি । 

বাতাসের কানে বলেছি  অনেক কথা 

যে কথার কলি  কখনো 

ফুল হয়ে ফোটে নি  মুখে 

অবসরে একা হলে 

একটু একটু করে বুঝে নিও 

সোনালী স্বপ্ন 

একটু একটু করে  উল্টেপাল্টে 

দেখে নিতে পারো 

কিছু বলা   কিছু না বলার 

জলছবি । 

🌴 


Поэзия : Чувство   ⬆️

 Поэт: Йотсна Яри

 .

 Я рисую ласку на губах бабочки

 Когда ты видишь бутоны роз

 ты будешь помнить меня…

 горсть нежных губ.

 .

 Я сказал много вещей ветру

 Бутон этого слова никогда

 расцвел в цветок

 Если вы одиноки на пенсии

 тогда понемногу разбирайся

 .

 Я распространил золотую мечту

 на рисовом поле

 Вы можете посмотреть

 по чуть-чуть вверх ногами…

 водная картина

 говорить что-то и ничего не говорить.

🌀 

شاعری: احساس

 شاعرہ: جوتسنا جری

 .

 میں تتلی کے ہونٹوں پر پیار پینٹ کرتا ہوں۔

 جب آپ گلاب کی کلیاں دیکھیں

 تم مجھے یاد کرو گے…

 ایک مٹھی بھر نرم ہونٹ۔

 .

 میں نے ہوا سے بہت سی باتیں کہی ہیں۔

 اس لفظ کی کلی کبھی نہیں نکلی۔

 ایک پھول میں کھلا

 اگر آپ ریٹائرمنٹ میں اکیلے ہیں۔

 پھر آہستہ آہستہ سمجھیں

 .

 میں نے سنہرا خواب پھیلایا ہے۔

 دھان کے کھیت میں

 آپ ایک نظر ڈال سکتے ہیں۔

 آہستہ آہستہ الٹا…

 پانی کی تصویر

 کچھ کہنا اور کچھ نہیں کہنا۔

🏛️ 

कविता : भावना   ⬆️

 कवि: जोत्सना जरी

 .

 मैं तितली के होठों पर दुलार करता हूँ

 जब आप गुलाब की कलियों को देखते हैं

 तुम मुझे याद रखोगे…

 मुट्ठी भर कोमल होंठ।

 .

 मैंने हवा से बहुत कुछ कहा है

 उस शब्द की कली कभी नहीं

 एक फूल में खिल गया

 यदि आप सेवानिवृत्ति में अकेले हैं

 फिर थोड़ा-थोड़ा करके समझें

 .

 मैंने फैलाया सुनहरा ख्वाब

 धान के खेत में

 आप देख सकते हैं

 थोड़ा-थोड़ा करके उल्टा…

 पानी की तस्वीर

 कुछ कहना और कुछ न कहना।

⛩️

Story(11) : Two Leaves A Bud 🔼

(11)

 Story  :  Two Leaves  A Bud   ⬆️

 Writer  :  Jotsna Jari

 .

 The girl silently puts the thermometer in her armpit.  The light red sheet is removed.  Arundhati asks to return the thermometer.

 Titas says to Arundhati, go to your work.  I’ll call…   if I need… 

 Titas asks the girl, your name?

 – Atasi Majumdar.

 – Age?

 – Twenty-four.

 – How did you get the fever?

 – You mean ?

 – You must have  had an anomaly.  

 – No, no, not at all. I went to Kolkata.  Maybe the water has changed suddenly  and that’s so hot in Kolkata !

 – What’s the matter…   The condition of your voice is not good.

 Atasi’s head is down, there is little pain in chest … her chest is jammed. 

 Titas examines well with the stethoscope.  It seems as he wants to understand her inner heart. 

The ups and downs of Atsi’s heart seem to want to transmit the warmth of love to his ears. 

🎵 

( 11 ) 

গল্প  :  দুটি পাতা  একটা কুঁড়ি  ⬆️

লেখিকা  :  জ্যোৎস্না জরি  

মেয়েটি চুপচাপ থার্মোমিটার বগলে রাখে । হালকা লাল চাদরটা সরে যায় । অরুন্ধতী থার্মোমিটার বার করতে বলে । 

তিতাস অরুন্ধতীক বলে, তোমার কাজে যাও । দরকার হলে ডাকব । 

তিতাস মেয়েটিকে শুধায়, আপনার নাম ? 

– অতসী মজুমদার । 

– এজ ?

– টোয়েন্টি ফোর । 

– জ্বরটা বাধালেন কি করে ? 

– মানে ? 

– আনিয়ম টনিয়ম…   আর কি  ! 

– না না , তেমন কিছু নয় । …কলকাতায় গেছিলাম । জলটা হঠাৎ বদলেছে তাই হয়তো , আর কলকাতায় যা গরম ! 

– কি ব্যাপার…   গলা দিয়ে ওরকম স্বর বেরুচ্ছে যে । 

অতসীর মাথা নিচু, একটু ব্যথা হচ্ছে…   বুকের ভিতর জাম হয়ে আছে ।  

তিতাস ভালোকরে পরীক্ষা করে স্টেথোস্কোপ দিয়ে । মনে হয় যেন হৃদয় বুঝতে চায়…   কানে অতসীর হৃদয়ের ওঠানামা যেন প্রেমের উষ্ণতা সঞ্চার করতে চায় । স্টেথোস্কোপটা নামিয়ে রাখে, দেখুন জ্বর যদি দুদিনে না ছাড়ে…   তবে ব্লাড টেস্ট করে নেবেন । কিছু আন্টিবায়োটিক দিচ্ছি…  নিয়ে যান । 

🌀 

(11)

 Рассказ  :  Два листа – бутон   ⬆️ 

 Сценарист: Йотсна Яри


 .

 Девушка молча кладет градусник себе под мышку.  Светло-красный лист удаляется.  Арундати просит вернуть термометр.

 Титас говорит Арундхати, иди на свою работу.  Я позвоню…  если нужно…

 Титас спрашивает девушку, как тебя зовут?

 – Атаси Маджумдар.

 – Возраст?

 – 24.

 – Как у тебя поднялась температура?

 – Ты имеешь в виду ?

 – Должно быть, у вас была аномалия.

 – Нет, нет, совсем нет.  Я поехал в Калькутту.  Может быть, вода вдруг изменилась, и в Калькутте так жарко!

 – В чем дело… Состояние вашего голоса нехорошее.

 Голова Атаси опущена, в груди небольшая боль… грудь зажата.

 Титас хорошо осматривает стетоскопом.  Кажется, он хочет понять ее внутреннее сердце.

 Взлеты и падения сердца Атси, кажется, хотят передать тепло любви его ушам.

🏛️ 

(11)

 کہانی  :  دو پتے  ایک کلی

 مصنفہ : جوتسنا جری

 .

 لڑکی خاموشی سے تھرمامیٹر اپنی بغل میں رکھ دیتی ہے۔  ہلکی سرخ چادر ہٹا دی گئی ہے۔  اروندھتی تھرمامیٹر واپس کرنے کو کہتی ہے۔

 تیتاس اروندھتی سے کہتا ہے، اپنے کام پر جا۔  ضرورت پڑنے پر میں کال کروں گا…

 تیتاس نے لڑکی سے پوچھا، تمہارا نام؟

 – اتاسی مجمدار۔

 – عمر؟

 – چوبیس.

 – آپ کو بخار کیسے ہوا؟

 – تمھارا مطلب ھے ؟

 – آپ کو کوئی بے ضابطگی ہوئی ہوگی۔

 ’’نہیں، نہیں، ہرگز نہیں۔  میں کولکتہ گیا۔  شاید پانی اچانک بدل گیا ہے اور کولکتہ میں اتنا گرم ہے!

 – کیا بات ہے… تمہاری آواز کی حالت ٹھیک نہیں ہے۔

 عطاسی کا سر نیچے ہے، سینے میں ہلکا سا درد ہے… اس کا سینہ جام ہو گیا ہے۔

 تیتاس سٹیتھوسکوپ کے ساتھ اچھی طرح جانچتا ہے۔  ایسا لگتا ہے جیسے وہ اس کے اندرونی دل کو سمجھنا چاہتا ہے۔

 اتسی کے دل کے اتار چڑھاؤ اس کے کانوں میں محبت کی گرمی پہنچانا چاہتے ہیں۔

🌴 


(1 1)

 कहानी  :  दो पत्ते  एक बड़   ⬆️ 

 लेखक  :  जोत्सना जरी

 .

 लड़की चुपचाप थर्मामीटर को अपनी बगल में रख लेती है।  हल्की लाल चादर हटा दी जाती है।  अरुंधति थर्मामीटर वापस करने के लिए कहती है।

 तितास अरुंधति से कहता है, अपने काम पर जाओ।  मैं कॉल करूंगा…   अगर मुझे चाहिए…

 तितास लड़की से पूछता है, तुम्हारा नाम?

 – अतसी मजूमदार.

 – आयु?

 – चौबीस।

 – आपको बुखार कैसे हुआ?

 – तुम्हारा मतलब है ?

 – आपके पास एक विसंगति होनी चाहिए।

 – नहीं, नहीं, बिल्कुल नहीं।  मैं कोलकाता गया था।  हो सकता है कि पानी अचानक बदल गया हो और कोलकाता में इतनी गर्मी हो!

 – क्या बात है…   आपकी आवाज की स्थिति ठीक नहीं है।

 अतासी का सिर नीचे है, सीने में हल्का दर्द है… उसकी छाती जाम है।

तितास स्टेथोस्कोप से अच्छी तरह जांच करता है।  ऐसा लगता है जैसे वह उसके भीतर के दिल को समझना चाहता है।

 ऐसा लगता है कि अत्सि के दिल के उतार-चढ़ाव प्यार की गर्माहट को उसके कानों तक पहुँचाना चाहते हैं। 

🌋